
पहाड़ 14-15: यात्रानुभव
पहाड़ की ओर से
कितनी राहों में, कितनी बार
हिमालय (तेजी से) गलेंगे तो हम हाथ मलेंगे
1974
केन्द्रीय व्यवस्था बदलने की प्रयोग भूमि रघुवीर सहाय
युवा पीढ़ी की जय हो सुन्दर लाल बहुगुणा
मुसीबतों के पहाड़ शेखर पाठक
जन से जुड़ने की यात्रा कुँवर प्रसून
कुछ मधुर स्मृतियाँ प्रताप शिखर
वे शुरुवाती दिन विजय जड़धारी
1975-1980
श्रीनगर से शिमला प्रभात उप्रेती
श्रीनगर से पिथौरागढ़ प्रभात उप्रेती
पिण्डारी गल व रूपकुंड के बीच की जिन्दगी शेखर पाठक
नेपाल से गुजरते हुए धूमसिंह नेगी
दानपुर में एक यात्रा नरेन्द्र रौतेला
1984
निकल गये दस साल, जरा बदला पर्वत का हाल शेखर पाठक
जैसे फिर वही गाँव, फिर वही लोग, वही सपने…. देवेन्द्र मेवाड़ी
श्रीनगर से जागेश्वर नवीन जोशी
बोर बलड़ा-भरड़काण्डे से….! कमल जोशी
पहाड़ पर्यावरण पर एक दृष्टि अनिल जोशी
यात्रा कभी खत्म नहीं होती गोविन्द पंत ‘राजू’
उपरैंखाल से गोपेश्वर तक सचिदानन्द भारती
1994-2000
ऊखीमठ और बूढ़ा केदार के बीच चन्द्र शेखर भट्ट
गोपेश्वर से त्रिजुगीनारायण नन्द किशोर हटवाल
डायरी के पन्ने सतीश जोशी
अपने ही आसपास अरण्य रंजन
कमी से कमद प्रेम पुनेठा
गदरा से श्रीनगर चण्डी प्रसाद भट्ट/ शेखर पाठक
अविस्मरणीय यात्रा के कुछ दिन गीता गैरोला
हरकी दून- टौंस क्षेत्रे प्रकाश पुरोहित ‘जयदीप’
अपने बीजों की खोज में कुँवर प्रसून
तराई यात्रा के संस्मरण त्रिलोचन चन्द्र पपनै
2004
इक्कीसवीं सदी में उत्तराखण्ड रघुवीर चन्द
नई सदी की पहली यात्रा गिरिजा पाण्डे
दुविधा में यात्री निरंजन सुयाल
हुडोली से आरारोट: एक संस्मरण अरण्य रंजन
इक्कीसवीं सदी में कुछ गाँव ऐसे भी चन्द्रा भण्डारी/प्रीति थपरियाल
एक परदेशी के अनुभव डैन जैनसन
अंतिम दस दिन जीवन सिंह मेहता
अस्कोट आराकोट अभियान भगवती बोरा
वनस्पतियाँ और वन्य जीव अनूप साह
चार गाँवो6 की गहन पड़ताल ललित पंत
छोरीबगड़ से आरकोट तक रूप सिंह धामी
उफनती धरती के बीच अदिति चंद
कर्मी से कुआंरी रूपिन मैत्रेयी
गौला यात्रा देवकी नन्दन भट्ट
अरे यात्राएं…….वाह! आशुतोश उपाध्याय/पूरन बिष्ट
गैरसैंण के इर्द गिर्द उमा भट्ट
फोटो एलबम
आंखन देखी कमल जोशी, शेखर पाठक, नीरज पंत,
अनूप साह, डैन जैनसन
विशेष
श्वेत अन्धकार विष्णु प्रभाकर
मेरे हिस्से टूटना आया है लीलाधर जगूड़ी
येम्फुडिन से दार्चुला मलिका विर्दी
और अंत में
पहाड़ 13: सम्पत्तियाँ और समीक्षाएँ
